कमर और गर्दन का दर्द
कमर और गर्दन का ज़्यादातर दर्द रीढ़ की मांसपेशियों, जोड़ों या डिस्क से होता है और अक्सर समय के साथ ठीक हो जाता है। कुछ महीनों से ज़्यादा चलने वाले दर्द की ध्यान से जाँच होनी चाहिए।
आम लक्षण
- कमर या गर्दन में दर्द या जकड़न
- पैर तक जाने वाला दर्द (साइटिका) या हाथ तक जाने वाला दर्द — दबी हुई नस से
- हाथ या पैर में झुनझुनी या सुन्नपन
- बैठने, खड़े होने या झुकने से बदलने वाला दर्द
जाँच कैसे होती है
डॉक्टर पूछते हैं कि दर्द कैसे शुरू हुआ और किससे बढ़ता-घटता है, हिलने-डुलने, ताक़त और रिफ्लेक्स की जाँच करते हैं और आपकी रिपोर्ट देखते हैं। कमर दर्द के कई मरीज़ों को नए स्कैन की ज़रूरत नहीं होती।
संभावित विकल्प
- समझाना और सक्रिय रहना
- दर्द या नस के दर्द की दवाइयाँ
- फ़िज़ियोथेरेपी और व्यायाम (पुनर्वास)
- कुछ चुने हुए मरीज़ों में: एक्स-रे या अल्ट्रासाउंड की मदद से रीढ़ के पास इंजेक्शन, या रेडियोफ़्रीक्वेंसी उपचार — जिसमें गर्मी से दर्द ले जाने वाली नस को शांत किया जाता है
ध्यान रखने वाली बातें
डिस्क उभार जैसी स्कैन की बातें बिना दर्द वाले लोगों में भी आम हैं, इसलिए वे हमेशा दर्द का कारण नहीं होतीं। इंजेक्शन से आराम आंशिक या कुछ समय का हो सकता है, और सबको फ़ायदा नहीं होता। हर प्रक्रिया के जोखिम निर्णय से पहले समझाए जाते हैं।
तुरंत मदद लें अगर
- पेशाब या शौच पर नियंत्रण खोना, या गुप्तांग के आसपास सुन्नपन
- हाथ या पैर में नई कमज़ोरी
- बुखार, बिना वजह वज़न घटना या कैंसर के इतिहास के साथ कमर दर्द
- गिरने या चोट के बाद दर्द
अगला कदम
दर्द कब शुरू हुआ, किससे आराम मिलता है और कौन-सी दवाइयाँ ले चुके हैं, यह लिखकर रखें और जाँच का समय माँगें।
जाँच का समय माँगेंयह सामान्य जानकारी है। आपके लिए क्या उपयुक्त है, यह डॉक्टर बताएँगे।